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Friday, 29 December 2017

दर्द शायरी

बिकता है गम हँसी के बाज़ार मैं,💕
लाखो दर्द छिपे होते है एक छोटे से इनकार मैं,💕
     वो क्या समझ पाएंगे प्यार की कशिश,💕
जिन्होंने फर्क ही नहीं समझा पसंद और प्यार मैं..💕


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