बिकता है गम हँसी के बाज़ार मैं,💕
लाखो दर्द छिपे होते है एक छोटे से इनकार मैं,💕
वो क्या समझ पाएंगे प्यार की कशिश,💕
जिन्होंने फर्क ही नहीं समझा पसंद और प्यार मैं..💕
लाखो दर्द छिपे होते है एक छोटे से इनकार मैं,💕
वो क्या समझ पाएंगे प्यार की कशिश,💕
जिन्होंने फर्क ही नहीं समझा पसंद और प्यार मैं..💕
No comments:
Post a Comment